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भोले तेरे चरणों में

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┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉┈ भोले तेरे चरणों में ┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉┈ दुनिया सारी झुकती है, भोले तेरे चरणों में। सबको मुक्ति मिलती है, भोले तेरे चरणों में। देव देव हे महादेव शिव तांडव की बजती धुन, भोले तेरे चरणों में। भक्त मस्त डमरू को सुन, भोले तेरे चरणों में। विष को सरलता से पिया। संसार को जीवन दिया। हे नीलकंठ हे महादेव दुख सारे कट जाते हैं, भोले तेरे चरणों में। पाप सभी मिट जाते हैं, भोले तेरे चरणों में। भूतनाथ तुम कैलाशी, आदि अंत तुम अविनाशी। तुमसे डमरू की डम डम, जयकारा भोले बम बम। कंठ लपेटे विषधर हैं, भोलेनाथ दिगम्बर हैं। बैठी गंग जटाओं में, अटका वेग शिखाओं में। चंद्र शीश पर शोभित हैं, शिवगण सारे पुलकित हैं। भक्त खड़े गाते निर्भय, हर हर महादेव की जय। हर हर महादेव की जय, हर हर महादेव की जय। मस्तक सभी झुकाते हैं भोले तेरे चरणों में। तेरी महिमा गाते हैं भोले तेरे चरणों में। बेल पत्र अर्पित करते भोले तेरे चरणों में। भक्त सभी शिव शिव जपते भोले तेरे चरणों में। ┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉┈ स्वरचित मौलिक रचना रामचन्द्र श्रीवास्तव कवि, गीतकार एवं लेखक नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ संपर्क सूत्र: 6263926054 ┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉┈