संदेश

डॉ. अर्चना आर. तुपट की कविताएं लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राम के अंदर का भाव

चित्र
राम वो नहीं जो द्वेष से भरा हो।  राम वह मन है जो गिरे हुए लोगो को भी प्रेम से भरता हो।  राम वो नहीं जो जीतकर अकड़पन लाए।  राम वो है जो हारकर भी कदमों को आगे बढ़ाए।   राम वो नहीं जो झूठ का सहारा लेता हो।  राम वो है जो सच बोलने की हिम्मत रखता हो।  राम वो नहीं जो अपमान की याद दिलाता हो।  राम वो है जो अपमान सहकर भी अपमानित नहीं होने को सूचित करता हो।  राम वो नहीं जो अपने स्वार्थ से चलता हो।  राम वो है जो बिना बोले दूसरों के दर्द को अपना मानकर बिना बोले सहता हो।  राम वो नहीं जहाँ दुर्भावना हो।  राम वो है जहाँ दिलो में अच्छे विचार हों।  राम वो नहीं जहाँ दुष्ट भाव हों।  राम वो है जहाँ निर्मल भाव हर श्वास में और हर पुकार में हो।  राम वहाँ नहीं जहाँ छल -कपट हो।  राम वो है जो अपनी करुणा से राग द्वेष को भी मिटाता हो।  राम वहाँ नहीं, जहाँ सोने का सिंहासन हो।  राम वहाँ है जहाँ मन में, दिलो में , सदा सच्चे विचार हों।  लिखने के लिए और भी है जहाँ राम की लीला अपरम्पार हो।  ऐसा रूप लाल का हो , ऐसा ही राम हर मन ...

राम कौन है?

चित्र
राम वो है जो शांत है।  राम वो है जो प्रेम का पुजारी है।  राम वो है है जो सत्ता में होकर जनता की सुनता हो।  राम वो है जो नैतिकता पर चलता है।  राम वो है जो सुंदरता का प्रतीक है।  राम वो है जो दुःख को हराता है।  राम वो है जो जीवन का मार्गदर्शक है।  राम वो है जो जीवन ज्ञाता है।  राम वो है जो धर्म को निभाता है।  राम वो है जो संकल्प का पालन करता है। राम वो है जो जीवन जीने की एक कला है।  राम वो है जहाँ मन का सुंदर भाव है।  राम वो है जहाँ नैतिकता उसके अंदर है।  राम वो है जो सम्मान का प्रतीक है।  राम वो है जो धर्म पर चलता है।  राम वो है जो सत्य पर चलता है।                                             राम वो है जो व्यर्थ भीड़ को भगाता है।  राम वो है जो सद्गुणी मन का प्रतीक है।  राम ऐसा एक भाव है जिस भाव को लोग पसंद करते है।                        ...