राम राम


राम सिर्फ़ नाम नहीं है,

उसके बिना होता कोई काम नहीं है।

सुबह उठकर अगर राम कहूँ,

तो दिन मेरा अच्छा हो जाता है।


दादा जी से अगर राम-राम कहूँ,

तो चेहरे पर मेरे निखार आता है।

पड़ोसियों को अगर राम-राम कहूँ,

तो उनके साथ रिश्ता अच्छा बन जाता है।


दोस्तों को कॉल पर राम-राम कहने से,

बात करने की शुरुआत अच्छी हो जाती है।

राम का नाम सबके सामने लो,

तो खुद का आचरण अच्छा कहलाता है।


राम का नाम हर समय लो,

तो ज़िंदगी राममय बन जाती है।

विदेश की यात्रा पर भी मैं,

राम की धरा का कहलाता हूँ।


राम के आचरण को अपनाऊँ,

तो सबके हृदय को भाता हूँ।

राम के गुण अपनाकर मैं,

सब दोस्तों को वही सिखाऊँगा।


नशा करने वालों को भी,

मैं राम के गुण सिखाऊँगा।

नशे की लत छुड़वाकर,

उन्हें मर्यादा में लाऊँगा।


सियावर रामचंद्र की जय

राम राम


लेखक: करन बघेल

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