जरूरत क्या थी
आम से खास बनाने की जरूरत क्या थी?
फिर ये अहसास दिलाने की जरूरत क्या थी?
जो भी सोचा था वो पूरा न हुआ काम सनम,
हाल ए दिल सबको बताने की ज़रूरत क्या थी?
हम तो गुमनाम थे गुमनाम यूं ही जी लेते,
हमको बदनाम कराने की जरूरत क्या थी?
सारी दुनिया से ही मिलने लगी रुसवाई हमें,
इस तरह इश्क लड़ाने की जरूरत क्या थी?
बेवफ़ा बोल के जब तुझको छोड़ना था मुझे,
मुझसे दिल तुझको लगाने की जरूरत क्या थी?
न था मालूम कदम ऐसे बहक जाएंगे,
इतना नजदीक भी आने की जरूरत क्या थी?
तुमको मिलना था तो आ कर के यूं ही मिल लेते,
तुम्हे कोई और बहाने की जरूरत क्या थी?
मुझको जो खत्म ही करना था जहर दे देते,
मेरे ईमां पे निशाने की जरूरत क्या थी?
ऐसे नफ़रत से यूं दुत्कार जब भगाना था,
मुझको फिर पास बुलाने की जरूरत क्या थी?
पहले मुझको निकाला फिर वहीं धकेल दिया,
दिल में अरमान जगाने की ज़रूरत क्या थी?
कि मेरे पास में आए थे तुम मेरी सुनने,
तुमको बस अपनी सुनाने की ज़रूरत क्या थी?
प्लास्टर हाथ में और सिर पे भी टांके है लगे,
सरे राह प्यार दिखाने की जरूरत क्या थी?
उनकी चाहत है कि बस तू यूं ही बर्बाद रहे,
उनसे फिर हाथ मिलाने की ज़रूरत क्या थी?
तुम्हारी बात मान कर के यकीं कैसे करें,
राज पहले यूं छुपाने की जरूरत क्या थी?
तुम अगर प्यार से कहते तो जां भी दे देते,
बात इतनी भी बढ़ाने की जरूरत क्या थी?

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