राम जन्म भूमि



।।राम जन्म भूमि।।

                  ✍️ विरेन्द्र शर्मा “अनुज”

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भारत भूमि अवधपुर गावहिं, 

            आज अयोध्या धाम कहावहिं! 

विराज रहे हैं प्रभु निज धामा, 

             कौशिल्या सुत रघुकुल रामा!! 


ढोल मृदंग मंजीरा साजे, 

               शंख नगाड़ा दुंदुभि बाजे! 

सजा अयोध्या दुल्हन जैसे, 

         पुलकित लोग बरनन करूँ कैसे!! 


जिनके नाम काल डर जाहिं, 

      सोई दशरथ के राम कहावहिं! 

बाल रूप तुम्ह करहु निवासा, 

         बेगि हरो प्रभु तम सब दासा!! 


बरस पांच सौ कैसे बीता, 

             बिन तुम्हरे सरजू था रीता! 

आज प्रभु तुम अति सुख दीन्हा, 

             भगतन की पीड़ा हर लीन्हा!! 


ठंढक भई हृदय अति भाई, 

              राम लला कै दर्शन पाई! 

तरस रहे सब नैन दुखारी, 

            पावहिं दरस, होईहिं सुखारी!! 

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